LAC और चीन-पाकिस्तान पर अमेरिकी रिपोर्ट में बड़े खुलासे, कहा- ऐसा ही रहा तो एशिया में बढ़ेगा तनाव और संघर्ष



अमेरिका की कांग्रेस को एक रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें एशिया की सुरक्षा को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए हैं. यूएस-चीन इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन की 2025 की रिपोर्ट कहती है कि इस साल भारत, चीन, पाकिस्तान और रूस की गतिविधियों ने पूरे एशिया की राजनीति और सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्रभावित किया. रिपोर्ट के मुताबिक मई 2025 की भारत-पाकिस्तान झड़प, चीन-भारत बॉर्डर बातचीत और SCO–BRICS जैसे बड़े मंचों पर तीनों देशों की भूमिका इस साल सबसे अहम रही.

भारत–पाकिस्तान की चार दिन की लड़ाई: 50 साल में सबसे बड़ा टकराव
रिपोर्ट बताती है कि 7 से 10 मई 2025 तक भारत और पाकिस्तान के बीच जो टकराव हुआ, वह पिछले 50 साल की सबसे बड़ी सैन्य भिड़ंत थी. 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को पाकिस्तान में नौ जगह पर हमला कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. ये आतंकी ठिकाने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के थे. पहलगाम हमले में 26 मासूमों की जान गई थी. भारत ने इसका कड़ा जवाब दिया और दोनों देशों ने एक-दूसरे के इलाकों में पहले से ज्यादा अंदर तक हवाई और मिसाइल हमले किए. रिपोर्ट कहती है कि ऐसा पिछले पांच दशकों में कभी नहीं हुआ था.

चीन ने पाकिस्तान को लाइव जानकारी दी
रिपोर्ट में भारतीय सेना का बयान भी शामिल है, जिसमें कहा गया है कि टकराव के दौरान चीन ने पाकिस्तान को भारतीय सेना की लाइव, रियल-टाइम जानकारी भेजी, यानी भारतीय सैनिक कहां हैं, कैसे आगे बढ़ रहे हैं, इसका पूरा अपडेट. पाकिस्तान ने इन दावों को झूठ कहा, जबकि चीन ने कोई साफ प्रतिक्रिया नहीं दी. रिपोर्ट कहती है कि चीन ने इस मौके का इस्तेमाल अपनी तकनीक और हथियारों को असली युद्ध में परखने के लिए किया.

पाकिस्तान के 82 प्रतिशत हथियार चीनी
रिपोर्ट के अनुसार 2019 से 2023 के बीच पाकिस्तान के 82% हथियार चीन से आए. मई 2025 की लड़ाई में चीन के ये हथियार पहली बार असली युद्ध में इस्तेमाल हुए. HQ-9 एयर डिफेंस, PL-15 मिसाइल और J-10 फाइटर जेट का पाकिस्तान ने इस लड़ाई में इस्तेमाल किया. लड़ाई के बाद चीन ने पाकिस्तान को 40 नए J-35 लड़ाकू विमान, KJ-500 और नई मिसाइल-रक्षा तकनीक बेचने का प्रस्ताव भी दिया.

चीन ने राफेल को लेकर फर्जी AI तस्वीरें फैलाईं
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला दावा है. इसमें कहा गया है कि झड़प के तुरंत बाद चीन ने सोशल मीडिया पर भारत के राफेल विमानों को बदनाम करने के लिए फर्जी AI तस्वीरें और वीडियो फैलाए. फर्जी अकाउंट्स ने AI से बनाई गई नकली इमेज, वीडियो गेम स्टाइल की तस्वीरें शेयर करके दावा किया कि चीन के हथियारों ने भारतीय राफेल गिराए हैं. फ्रांस की खुफिया एजेंसियों ने इस दावे की जांच की और पुष्टि की कि इसी प्रचार के चलते इंडोनेशिया ने राफेल डील को रोक दिया.

सैन्य अभ्यासों से और मजबूत हुई चीन-पाकिस्तान साझेदारी
रिपोर्ट कहती है कि 2024 और 2025 में चीन और पाकिस्तान ने कई संयुक्त सैन्य अभ्यास किए, जैसे Warrior-VIII और AMAN Naval Drill.  ये अभ्यास दिखाते हैं कि चीन–पाकिस्तान की सुरक्षा साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है और यह भारत की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है.

भारत–चीन की बातचीत बढ़ी, लेकिन भरोसा नहीं लौटा
रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तिआनजिन में हुई मुलाकात को बड़ा कदम बताया गया है. दोनों देशों ने सीमा तनाव कम करने, आर्थिक रिश्ते बढ़ाने, उड़ानें फिर शुरू करने और 2026 तक भारतीय यात्रियों के लिए तिब्बत खोलने पर सहमति जताई, लेकिन रिपोर्ट साफ कहती है कि ये बातें कागजों में ही रहीं. जमीन पर न सीमा की स्थिति बदली, न सैनिक पीछे हटे.

सीमा विवाद पर भारत और चीन की सोच बिल्कुल उलटी
रिपोर्ट बताती है कि चीन चाहता है कि सीमा विवाद को अलग मुद्दा मानकर बाकी रिश्तों- जैसे व्यापार को आगे बढ़ाया जाए, लेकिन भारत का कहना है कि जब तक सीमा पर शांति नहीं होगी, तब तक बाकी रिश्ते आगे नहीं बढ़ सकते. भारत के लिए यह सबसे बड़ा सुरक्षा मुद्दा है.

SCO में भारत-चीन-रूस पहली बार एक जैसी लाइन में
अगस्त-सितंबर 2025 में तिआनजिन में हुई SCO बैठक में भारत, चीन और रूस ने एक ऐसी संयुक्त घोषणा पर साइन किए जिसमें अमेरिका और इजरायल की ईरान पर बमबारी की आलोचना थी. यह पहली बार था जब भारत ने किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका की अप्रत्यक्ष आलोचना पर हस्ताक्षर किए. भारत की मांग पर इस घोषणा में 2025 का पहलगाम आतंकी हमला भी शामिल किया गया.

BRICS–SCO के जरिए चीन–रूस नया शक्ति ढांचा बना रहे
रिपोर्ट कहती है कि चीन और रूस BRICS और SCO को मिलाकर पश्चिमी देशों के मुकाबले एक नया ग्लोबल ढांचा खड़ा कर रहे हैं. BRICS के 10 देशों में चीन अकेले 62% GDP रखता है और इसे ग्लोबल साउथ की आवाज बताता है. SCO को रिपोर्ट अमेरिका के खिलाफ बड़ा मंच बताती है, जिसमें भारत भी अहम सदस्य है.

2025 में एशिया की पूरी तस्वीर बदल गई. चीन-पाकिस्तान की सुरक्षा साझेदारी बेहद मजबूत हो चुकी है. भारत-चीन की बातचीत जारी है, लेकिन दोनों के बीच भरोसा नहीं लौट पाया. रूस और चीन BRICS और SCO को एक नई वैश्विक ताकत के रूप में खड़ा कर रहे हैं, जिसमें भारत भी मुख्य भूमिका निभा रहा है. रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले वर्षों में एशिया में तनाव और शक्ति संघर्ष और बढ़ सकता है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *