Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: राज्यसभा चुनाव में बड़ा बवाल! कांग्रेस बोली- ‘मीनाक्षी का नामांकन रद्द कर BJP ने चुरा ली सीट’


कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने को लेकर भाजपा और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी ने इसे “सीट चोरी” का नया उदाहरण बताते हुए दोनों के बीच मिलीभगत का दावा किया है. कांग्रेस का कहना है कि नामांकन रद्द करने का फैसला दोषपूर्ण और तर्कहीन आधार पर लिया गया है.

दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उन्होंने नामांकन के साथ जमा किया गया फॉर्म-26 पूरी तरह भरा था. उनके अनुसार, फॉर्म में किसी निजी कानूनी नोटिस की जानकारी देने के लिए कोई अलग कॉलम नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई लंबित आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि केवल एक कानूनी नोटिस है, जिस पर अदालत ने अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया है. इसलिए उन्होंने संबंधित कॉलम में “नॉट एप्लिकेबल” लिखा था.

यह भी पढ़ें : गुजरात प्लेन क्रैश: एक साल बाद भी दर्द से उबर नहीं पाया ‘एयरोप्लेन बॉय’, विमान हादसे का बनाया था वीडियो

भाजपा पर साजिश का आरोप

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय राजनीति में यह पहला मौका है जब किसी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन इस तरह खारिज किया गया है. उनका आरोप है कि भाजपा के पास तीसरी राज्यसभा सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं थे, इसलिए उसने राजनीतिक दबाव और अन्य तरीकों से कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द कराने की कोशिश की.

आयोग की निष्पक्षता पर सवाल

कांग्रेस विधायक दल के नेता उमंग सिंघार ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने दोहरे मानदंड अपनाए हैं और अन्य मामलों में उम्मीदवारों को त्रुटियां सुधारने का अवसर दिया गया, जबकि नटराजन के मामले में ऐसा नहीं किया गया.

सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

कांग्रेस के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर खारिज किया गया कि उन्होंने तेलंगाना में उनके खिलाफ दायर एक न्यायालयीन शिकायत की जानकारी नहीं दी. पार्टी का दावा है कि यह कोई लंबित आपराधिक मामला नहीं है और नामांकन रद्द करने का आधार निराधार है. 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना एकमात्र उम्मीदवार बनाया था. नामांकन रद्द होने के बाद उन्होंने इस फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है. इस बीच भाजपा के तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है.

यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर में इन नेताओं पर एक्शन की तैयारी में कांग्रेस! पूर्व राज्यसभा सांसद समेत तीन को सौंपी जिम्मेदारी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *