‘भीख मांगते हैं ट्रंप’, धमकियों को लेकर फायर हुआ ईरान, बताई समझौते की क्या है रेड लाइन


अमेरिका और ईरान में अबतक तनाव बरकरार है. भले ही अभी दोनों देशों के बीच सीजफायर हो, लेकिन दोनों तरफ से आक्रामक बयानबाजी के चलते फिलहाल युद्ध खत्म होता नहीं दिख रहा है. इस बीच ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने एक बार फिर ईरान के अधिकार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी पर तेहरान का रुख स्पष्ट किया है. 

इब्राहिम अजीजी ने गुरुवार (28 मई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ट्रंप की बातों से ईरान अपनी रेड लाइन से पीछे नहीं हटेगा. यूरेनियम को एनरिच करने का अधिकार, एनरिच किए गए यूरेनियम का कब्ज़ा, होर्मुज स्ट्रेट पर अधिकार इन सबसे हम पीछे नहीं हटेंगे.

‘कभी धमकी देते हैं कभी समझौते की बात करते हैं’
उन्होंने आगे कहा कि यह साफ है कि ट्रंप इस स्ट्रेटेजिक रुकावट से निकलने का रास्ता ढूंढते हुए कभी धमकी देते हैं तो कभी समझौते की अपील करते हैं. यह स्पष्ट है कि ट्रंप इस रणनीतिक गतिरोध से निकलने का रास्ता तलाशते हुए धमकियां देने और समझौते की अपील करने के बीच बारी-बारी से अपना रवैया दोहरा रहे हैं. 

अजीजी ने बताई ईरान की रेड लाइन
अजीजी ने साफतौर पर कहा कि ईरान ट्रंप की बातों के सामने अपनी रेड लाइन्स- जैसे एनरिचमेंट और एनरिच्ड यूरेनियम का अधिकार, होर्मुज स्ट्रेट का मैनेजमेंट, और बैन हटाना, इन सबसे पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने आगे कहा कि अब हर कोई जानता है कि ट्रंप इस स्ट्रेटेजिक डेडलॉक से खुद को बचाने के लिए एक दिन धमकियों का सहारा लेते हैं और अगले ही दिन समझौते की भीख मांगते हैं.

मोहसिन रजाई भी ट्रंप को चेता चुके हैं 
इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने भी ट्रंप को चेताया था. उन्होंने कहा था कि अगर आप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमला करने और फारस की खाड़ी में घुसने का फैसला करते हैं तो सबसे पहले आपको दर्दनाक जवाब का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा था कि इससे भी बड़ी बात मैं आपको बता दूं कि हम एनपीटी (परमाणु हथियारों के अप्रसार की संधि) से खुद को अलग कर सकते हैं. अगर हम एनपीटी से हट गए तो आपका क्या हश्र होगा? इसलिए इस रास्ते से पीछे हट जाएं.

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