‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर सीजफायर’, ट्रंप गुस्से से लाल, समंदर में उतारीं परमाणु बम वाली सबमरीन, ईरान बोला- ‘सबक…’


ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीजफायर के बीच दोनों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर को ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ पर बताए जाने पर करारा पलटवार किया है. गालिबफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि ‘तेहरान किसी भी अटैक का जवाब देने के लिए तैयार है, उसके पास सभी विकल्प खुले हुए हैं, हमारी सेना किसी भी हमले का कड़ा और निर्णायक जवाब देंगी.’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीजफायर के लाइफ सपोर्ट पर होने के बयान पर ईरानी संसद के स्पीकर गालिबफ ने ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा,  ‘हमारी आर्म्ड फोर्स किसी भी आक्रमण का सबक सिखाने वाला जवाब देने के लिए तैयार हैं. गलत रणनीति और गलत फैसलों का नतीजा हमेशा गलत ही होता है, यह बात दुनिया पहले ही समझ चुकी है. हम हर विकल्प के लिए तैयार हैं, वे हैरान रह जाएंगे.’

उधर, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेंटागन ने घोषणा की है कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के पास एक न्यूक्लियर-आर्म्ड सबमरीन तैनात की है. होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है, दोनों देशों के बलों में इस हफ्ते गोलाबारी के बाद होर्मुज के आसपास भारी तनातनी है. उधर ईरान भी अपनी हल्की पनडुब्बियों को होर्मुज स्ट्रेट में तैनात कर चुका है.

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ईरान के नए परमाणु प्रस्ताव को ट्रंप ने बताया ‘कचरे का एक टुकड़ा’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (11 मई) को ईरान के नए परमाणु प्रस्ताव को ‘कचरे का एक टुकड़ा’ बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि युद्धविराम ‘लाइफ सपोर्ट पर’ है. ट्रंप ने कहा कि तेहरान की परमाणु वार्ता में दी गई नई प्रतिक्रिया ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ है. यह एक बेवकूफी भरा प्रस्ताव है. उन्होंने बताया कि ईरान पहले इस बात पर सहमत हुआ था कि हाल ही में अमेरिकी सैन्य हमलों से क्षतिग्रस्त संवर्धन (एनरिचमेंट) सुविधाओं से ‘परमाणु धूल’ हटाने की अनुमति देगा, लेकिन बाद में उसने अपना रुख बदल दिया.

ट्रंप के मुताबिक बाद में ईरानी अधिकारी इस समझौते से पीछे हट गए क्योंकि वे इसे लिखित रूप में नहीं देना चाहते थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका की स्थिति वही है जो पहले थी. मेरा बहुत सीधा-सादा प्लान है, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा क‍ि ‘मैं कहूंगा कि युद्धविराम बहुत कमजोर हालत में है. जैसे डॉक्टर आए और कहे कि आपके मरीज के बचने की सिर्फ एक प्रत‍िशत संभावना है.’

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