शांति की राह पर नॉर्थ-ईस्ट, 1-2 राज्यों को छोड़कर हट जाएगा AFSPA, गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा एलान


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (11 जून 2026) को कहा कि अगले साल एक या दो राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSA) हटा लिया जाएगा. असम-नगालैंड सीमावर्ती इलाकों में खनिज तेल से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए केंद्र, असम और नगालैंड के बीच तीन-पक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान शाह ने कहा कि अफस्पा के दायरे में आने वाले इलाकों का कम होना शांति का संकेत है.

शांति की राह पर पूर्वोत्तर

उन्होंने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि एक-दो राज्यों को छोड़कर, हम अगले साल पूरे पूर्वोत्तर से अफस्पा हटा लेंगे.’ इस एमओयू पर हस्ताक्षर को एक ऐतिहासिक पल बताते हुए अमित शाह ने कहा कि इसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के लक्ष्य में आ रही आखिरी बाधा को दूर कर दिया है. इस एमओयू का मकसद असम-नगालैंड सीमा पर विवादित क्षेत्र (डीएबी) में तेल और खनिजों की खोज करना है. अधिकार-क्षेत्र से जुड़े मतभेदों के कारण इस इलाके में तीन दशकों से ज्यादा समय तक खोज का काम रुका रहा.

एमओयू को लेकर क्या बोले अमित शाह?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ एक एमओयू से रोजाना 1,000-1,500 बैरल निकालने की क्षमता को 10 गुना बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘सिर्फ एक ही क्षेत्र से 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का तेल निकालने की संभावना है. अगर हम नगालैंड में फैले तेल के भंडार को निकालें तो हम अपनी तेल की जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम कर पाएंगे.’

पीएम मोदी के कार्यकाल की तारीफ करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘दशकों पुरानी नक्सलवाद, आतंकवाद और धारा 370 आदि की समस्या को 12 वर्षों में हमारी सरकार ने समाप्त किया. मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज crisis management का वैश्विक मॉडल बनकर उभरा है, जिसका विश्वभर में शोध हो रहा है. मोदी जी के नेतृत्व में आज NDA 80% भूभाग और 76% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हुए सुशासन और विकास की राजनीति को आगे बढ़ा रहा है.

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