पश्चिम एशिया में पिछले चार महीने से जारी संघर्ष और तनाव को खत्म करने और पूर्ण शांति बहाल करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (13 जून, 2026) को ईरान के साथ शांति समझौते पर साइन करने की तारीख की घोषणा की थी. ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ रविवार (14 जून, 2026) को समझौते पर साइन होगा. हालांकि, ट्रंप के ऐलान के बाद भी तेहरान की तरफ से इस पर अभी तक किसी आधिकारिक फैसले की घोषणा नहीं की गई है.
ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स ने रविवार (14 जून, 2026) को सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते पर साइन करने को लेकर तेहरान का अंतिम फैसला अभी भी विचाराधीन है. जबकि ईरानी वार्ता दल के एक सूत्र ने कहा कि ईरान ने प्रस्तावित MoU पर अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं लिया है और न हीं इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा की गई है.
बातचीत को अंतिम रूप देने तेहरान पहुंची कतर की टीम
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता और शांति को लेकर मध्यस्थता कर रहे कतर के वरिष्ठ वार्ताकार रविवार (14 जून, 2026) को सुबह तेहरान के दौरे पर पहुंच गए. इस दौरे को लेकर उनका मकसद दोनों पक्षों के बीच युद्ध को खत्म करने वाले समझौते को अंतिम रूप देना है. रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से रिपोर्ट किया कि कतर की टीम अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने की थी सबसे पहले घोषणा
अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को खत्म करने को लेकर और प्रस्तावित समझौते पर साइन करने को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार (13 जून, 2026) को सबसे पहले इस बात की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा की. उन्होंने अमेरिकी और ईरानी, दोनों पक्षों का समझौते पर साइन करने को लेकर धन्यवाद कहा.
जिसके बाद शनिवार (13 जून, 2026) की रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रविवार (14 जून, 2026) को ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर साइन होने की बात की घोषणा की थी. हालांकि, तेहरान ने समझौते पर साइन को लेकर कोई अंतिम डेडलाइन तय नहीं की है.
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