Bangladesh Diesel Import | Bangladesh will import 1 lakh 8 thousand tonnes of diesel from India in 2026 supply from Numaligarh Refinery


भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर एक अहम समझौता हुआ है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जनवरी से दिसंबर 2026 के बीच भारत से 1 लाख 80 हजार टन डीजल आयात करने का फैसला किया है. यह डीजल भारत की सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड की सहायक इकाई नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) से खरीदा जाएगा.

इस डीजल आयात को बांग्लादेश की सरकारी खरीद पर सलाहकार समिति ने मंजूरी दी है. सचिवालय में मंगलवार (6 जनवरी 2026) को हुई बैठक में वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद की अध्यक्षता में यह फैसला लिया गया. इससे पहले अक्टूबर में आर्थिक मामलों पर सलाहकार समिति ने 2026 के लिए ईंधन आयात को स्वीकृति दी थी, जिसके बाद अब इस सौदे को अंतिम रूप दिया गया है.

14.62 करोड़ टका का होगा सौदा

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील की कुल लागत 119.13 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 14.62 करोड़ बांग्लादेशी टका तय की गई है. समझौते के तहत प्रति बैरल डीजल का बेस प्राइस 83.22 डॉलर रखा गया है. यह कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों के आधार पर तय होती है और बाजार में उतार-चढ़ाव के अनुसार इसमें बदलाव संभव है.

BPC और बैंक लोन से होगा भुगतान

इस आयात का एक हिस्सा बांग्लादेश की सरकारी कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) वहन करेगी, जबकि शेष राशि बैंक कर्ज के माध्यम से भुगतान की जाएगी. इससे साफ है कि बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत पर निर्भर है.

असम से बांग्लादेश तक पहुंचेगा डीजल

नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड असम में स्थित है. यहां से डीजल को पहले पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित मार्केटिंग टर्मिनल तक लाया जाएगा. इसके बाद इसे बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के परबतीपुर डिपो तक पहुंचाया जाएगा.

फ्रेंडशिप पाइपलाइन से होगी सप्लाई

डीजल की आपूर्ति को आसान और सस्ता बनाने के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच बनी बांग्लादेश-इंडिया फ्रेंडशिप पाइपलाइन का इस्तेमाल किया जाएगा. इसी पाइपलाइन के जरिए ईंधन सीधे बांग्लादेश भेजा जाएगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और सप्लाई अधिक स्थिर बनी रहेगी.

भारत-बांग्लादेश ऊर्जा संबंध होंगे और मजबूत

इस समझौते को दोनों देशों के बीच बढ़ते ऊर्जा और व्यापारिक सहयोग के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले भी बांग्लादेश ने भारत से चावल खरीदने का ऐलान किया था. डीजल आयात का यह फैसला साफ संकेत देता है कि बांग्लादेश अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत को साझेदार मान रहा है

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