ED filed chargesheet against 4 accused for committing GST input tax credit fraud by fake company Ranchi ann


ED की रांची जोनल टीम ने 5 जुलाई 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में चार्जशीट दाखिल की है. ये चार्जशीट रांची की स्पेशल PMLA कोर्ट में दाखिल की गई है. इसमें 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा के GST फर्जीवाड़े के मामले में चार मास्टरमाइंड को आरोपी बनाया गया है.

चार्जशीट में चारों आरोपियों शिवा कुमार देवोरा, मोहित देवोरा, अमित कुमार गुप्ता और अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भलोटिया को मास्टरमाइंड बनाया गया है. ये पूरा मामला एक बड़े GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फ्रॉड से जुड़ा है, जिसकी जांच की शुरुआत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस जमशेदपुर की कई शिकायतों के आधार पर हुई थी.

नकली कंपनी बनाकर कर रहे थे फर्जीवाड़ा

ED की जांच में सामने आया कि शिवा कुमार और उसके साथियों ने 135 फर्जी कंपनियों का एक जाल तैयार किया था. ये कंपनियां सिर्फ कागजों पर मौजूद थी और इनका असली बिजनेस कुछ नहीं था. इन फर्जी कंपनियों के नाम से करीब 5000 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस बनाए गए, जिनके जरिए कोई असली माल या सर्विस नहीं दी गई.

इस पूरे फ्रॉड के जरिए करीब 734 करोड़ रुपये का फर्जी ITC जनरेट किया गया, जिसे कमीशन लेकर कई दूसरी कंपनियों को बेचा गया. इन कंपनियों ने इस फर्जी ITC का इस्तेमाल करके अपनी GST देनदारी से बचाव किया.

करोड़ों की प्रॉपर्टी कुर्क

ED ने इस केस में अब तक कुल 5.29 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की है. 8.98 लाख रुपये कैश जब्त किया है और 62.90 लाख रुपये बैंक बैलेंस फ्रीज किया है. इससे पहले ED ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था.

अभी मामले में और खुलासे होने बाकी

जांच के बाद सभी चार आरोपी शिवा कुमार, मोहित, अमित कुमार गुप्ता और अमित अग्रवाल को 8 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया था. सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. ED के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले की जांच अभी जारी है. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं. 

रिपोर्ट- वेदप्रकाश यादव

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