Leh Violence: ‘राहुल गांधी के करीबी ने भड़काई लेह में हिंसा’, निशिकांत दुबे ने फोटो शेयर कर किया बड़ा दावा



लेह में बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के वार्ड सदस्य फंटसोग स्तांजिन त्सेपाग पर स्थानीय बीजेपी कार्यालय में आग लगाने और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों को उकसाने का आरोप लगाया है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के आधार पर बीजेपी का दावा है कि यह हिंसा ‘कांग्रेस-प्रायोजित’ थी और क्षेत्र में अशांति फैलाने की रणनीति का हिस्सा है.

निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर आरोप
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने X पर फंटसोग त्सेपाग को राहुल गांधी का करीबी बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने बीजेपी कार्यालय को आग लगाई. दुबे ने लिखा-‘यह है राहुल के मोहब्बत की दुकान का जमूरा जिसने आज लद्दाख में बीजेपी कार्यालय को आग लगाई, @RahulGandhi का निकटतम व्यक्ति, सोरोस के एजेंट का एजेंट, राहुल गांधी जी के साथ लाल शर्ट में, आज मास्क पहन कर.’

उन्होंने आगे लिखा-‘लद्दाख में @BJP4India कार्यालय में आग लगाई गई, @RahulGandhi जी इसके नेतृत्वकर्ता आपका GEN Z, फंटसोग स्तांजिन त्सेपाग, है जो @INCIndia पार्टी से निर्वाचित वार्ड सदस्य है. आग से खेलने का नतीजा क्या होगा? बीजेपी कार्यकर्ताओं को चुनौती देना बंद करिए.’

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी एक्स पर लिखा- ‘लद्दाख में दंगा करने वाला यह आदमी ऊपरी लेह वार्ड के कांग्रेस पार्षद फंटसोग स्तांजिन त्सेपाग हैं. उसे स्पष्ट रूप से भीड़ को उकसाते और बीजेपी कार्यालय और हिल काउंसिल को निशाना बनाने वाली हिंसा में भाग लेते देखा जा सकता है.’

हिंसा के कारण और विरोध प्रदर्शन
हिंसा उस समय भड़क उठी जब दो बुजुर्ग भूख हड़तालियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद लेह में हड़ताल और मार्च हुआ, जो अराजकता में बदल गया. प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय में आग लगाई, वाहनों को जलाया और पुलिस के साथ झड़प हुई.

कांग्रेस ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. पार्टी ने हाल ही में लेह अपेक्स बॉडी (LAB) से दूरी बनाई थी, जो प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही है, ताकि आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखा जा सके. LAB और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) पिछले चार वर्षों से लद्दाख की जनजातीय आबादी के अधिकारों और कल्चरल ऑटोनॉमी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे संगठनों के साथ गृह मंत्रालय की 6 अक्टूबर को बातचीत होगी.





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