जम्मू और कश्मीर के रिटायर्ड डीजीपी एसपी वैद ने 80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण को लेकर उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार का हकदार है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से शनिवार (27 सितंबर, 2205) को बात करते हुए वैद ने अपने ही नागरिकों पर बमबारी के लिए पाकिस्तानी आर्मी और सरकार का मज़ाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि अगर कोई एक देश झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार का हकदार है, तो वह पाकिस्तान है. चाहे वह शहबाज शरीफ हों या धोखेबाज़ मार्शल असीम मुनीर. उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी पहले नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए.
‘खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचार बंद करें’
पूर्व डीजीपी ने कहा कि शहबाज शरीफ को मेरा जवाब यह है कि पहले आप खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचार बंद करें. भारत अपने ही लोगों पर बमबारी नहीं करता. यह पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं हैं. आपके और असीम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सरकार, जो अपने ही नागरिकों पर बमबारी करती है.
इस बीच भारत ने शरीफ के संबोधन का तीखा खंडन करते हुए उन पर बेतुका नाटक करने का आरोप लगाया. मई में हुए तनाव में उनकी जीत के दावे का मजाक उड़ाया.
शहबाज शरीफ के झूठे बयानों की भारत ने उड़ाई खिल्ली
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने देश में एयरबेसों के विनाश को एक जीत के रूप में पेश करने की कोशिश की है. प्रथम सचिव ने इस्लामाबाद पर आतंकवादियों को बचाने और आतंकवाद के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को छिपाने के लिए झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाया. पेटल गहलोत ने बताया कि 10 मई को भारत सेना की तरफ से पाकिस्तानी एयरबेसों पर बमबारी के बाद पाकिस्तान ने धमकियां देना बंद किया और खुद ही सीजफायर की अपील की.
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